ई-पीक पाहणी महाराष्ट्र (E-Peek Pahani Maharashtra) राज्य सरकार की एक आधुनिक डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को फसल सर्वे (Crop Inspection) की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा देना है। इस प्रणाली के माध्यम से किसान अपनी फसलों की माहिती (information) और फोटो सीधे ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं, जिससे सरकारी रिकॉर्ड अपडेट रहता है और योजनाओं का लाभ समय पर मिलता है।
ई-पीक पाहणी क्या है?
ई-पीक पाहणी एक Online Crop Survey Portal और मोबाइल ऐप आधारित सेवा है, जिसे महाराष्ट्र शासन के महसूल व कृषी विभाग (Revenue & Agriculture Department) ने विकसित किया है।
इसका मुख्य उद्देश्य है –
- किसानों को फसल नोंदणी में सुविधा
- सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता
- समय पर मुआवजा और बीमा क्लेम का निपटारा
- फसल क्षेत्र और उत्पादन का सही डेटा तैयार करना
ई-पीक पाहणी महाराष्ट्र की मुख्य विशेषताएं
- Online Registration – किसान अपने मोबाइल या CSC केंद्र से फसल नोंदणी कर सकते हैं।
- Photo Upload – खेत में खड़ी फसल की जिओ-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होती है।
- Survey Number Mapping – खेत का सर्वे नंबर और लोकेशन मैपिंग होती है।
- Transparency in Crop Data – गलत फसल विवरण रोकने के लिए GPS और फोटो प्रमाण।
- Integration with Schemes – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और प्राकृतिक आपदा मुआवजा योजनाओं से लिंक।
ई-पीक पाहणी महाराष्ट्र का महत्व किसानों के लिए
- मुआवजा जल्दी मिलना – प्राकृतिक आपदा, बेमौसमी बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में फसल नुकसान का मुआवजा तुरंत मिलता है।
- बीमा क्लेम में आसानी – Crop Insurance कंपनियों को सीधा सही डेटा मिलता है।
- योजनाओं का लाभ – शासकीय (Government) सब्सिडी और योजनाओं के लिए पात्रता तुरंत तय होती है।
- यातायात और समय की बचत – किसान को सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
ई-पीक पाहणी महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
1. ऑनलाइन पोर्टल से
- आधिकारिक ई-पीक पाहणी पोर्टल पर जाएं।
- किसान का Aadhaar नंबर और मोबाईल नंबर दर्ज करें।
- खेत का सर्वे नंबर चुनें।
- फसल का प्रकार और बुवाई तारीख भरें।
- खेत में खड़ी फसल की फोटो अपलोड करें।
2. मोबाइल ऐप से
- Play Store से E-Peek Pahani Maharashtra App डाउनलोड करें।
- लॉगिन कर Aadhaar से लिंक करें।
- खेत का लोकेशन सेलेक्ट कर फोटो अपलोड करें।
सरकार के लिए ई-पीक पाहणी के फायदे
- Real-time Crop Data – फसल का सटीक आंकड़ा सरकार को मिलता है।
- Policy Planning – कृषि नीतियां और योजनाएं सही डेटा के आधार पर बनती हैं।
- Disaster Management – आपदा की स्थिति में तुरंत सहायता राशि तय की जा सकती है।
ई-पीक पाहणी महाराष्ट्र – किसानों की प्रतिक्रिया
कई किसानों का कहना है कि पहले फसल सर्वे में बहुत समय और परेशानी होती थी, लेकिन अब मोबाइल से ही फोटो अपलोड करने से काम आसान हो गया है।
युवा किसान इसे डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं।
भविष्य में ई-पीक पाहणी की भूमिका
आने वाले समय में ई-पीक पाहणी को ड्रोन सर्वे, AI आधारित फसल पहचान और सैटेलाइट इमेजिंग से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को और भी तेज और सटीक सेवा मिलेगी।
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आप महाराष्ट्र की अन्य सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में यहां पढ़ सकते हैं – महाराष्ट्र कृषि योजना गाइड
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अधिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र शासन कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।